नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम लाइव के जरिए युवाओं, विशेषकर जेन-जी से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आई अभद्र बयानबाजी का जिक्र करते हुए कहा कि बचपन और युवावस्था में गलतियां हो जाती हैं, लेकिन उनसे सीखकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गालियों या अपशब्दों से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकलता और समाज में संवाद तथा शालीनता का वातावरण बनाए रखना आवश्यक है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन का किया जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उनके साथ-साथ उनकी दिवंगत माता के लिए भी अपशब्द कहे गए। उन्होंने इसे किसी भी सभ्य समाज के लिए उचित नहीं बताया।
युवाओं को माफ करने की कही बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह समाज के भीतर मौजूद आक्रोश को समझते हैं। उनके अनुसार, युवाओं से कभी-कभी भावावेश में गलतियां हो जाती हैं और ऐसे समय में उन्हें सीखने तथा स्वयं को सुधारने का अवसर मिलना चाहिए। इसी भावना के साथ उन्होंने संबंधित युवाओं को माफ करने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा का आरोप
यह मामला 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
रिपोर्ट के अनुसार, 30 जुलाई को पुलिस ने रुचिका सिंह के खिलाफ जानबूझकर अपमान करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने और मानहानि से संबंधित आरोपों में केस दर्ज किया। मामले की जांच जारी है।
भाजपा ने भी की थी कार्रवाई की मांग
इससे पहले भाजपा ने संसद मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पार्टी का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि युवाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन यदि किसी घटना में आपराधिक तत्व शामिल हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
